Firing Case At Youtuber Elvish Yadav House: आरोपी जतिन की जमानत याचिका खारिज, साजिश की बात सामने आई
अभियोजन पक्ष की दलीलों को मजबूत मानते हुए, अदालत ने आरोपी जतिन की जमानत याचिका को खारिज करने का आदेश दिया। कोर्ट के इस फैसले से जांच एजेंसी को बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद मिलने की उम्मीद है।

Firing Case At Youtuber Elvish Yadav House : यूट्यूबर और बिग बॉस ओटीटी-2 के विजेता एल्विश यादव के सेक्टर-56 स्थित आवास पर गोली चलाने के मामले में गुरुग्राम की जिला अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश सुनील चौहान की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी जतिन की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया है। कोर्ट का यह फैसला अभियोजन पक्ष के तर्कों को बल देता है कि आरोपी पूरी आपराधिक साजिश का हिस्सा था।
एल्विश यादव के पिता द्वारा सेक्टर-56 थाने में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने यह मामला दर्ज किया था। घटना के बाद से ही पुलिस इस मामले में शामिल अन्य मुख्य आरोपियों की तलाश कर रही है।

आरोपी जतिन के वकील ने अदालत में तर्क दिया कि उनके मुवक्किल को जमानत मिलनी चाहिए, क्योंकि वह कथित गोलीबारी की वारदात के दौरान घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस पहले ही इस मामले में जांच पूरी करके चालान (चार्जशीट) पेश कर चुकी है, इसलिए आरोपी को न्यायिक हिरासत में रखने का अब कोई औचित्य नहीं है।
अभियोजन पक्ष ने जमानत का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपी जतिन भले ही सीधे गोलीबारी में शामिल न रहा हो, लेकिन वह पूरी साजिश का एक सक्रिय हिस्सा था। अ
भियोजन पक्ष ने ज़ोर देकर कहा कि आरोपी को इस बात की पूरी जानकारी थी कि जिस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया गया, वह किस आपराधिक वारदात के लिए उपयोग होने वाली है। उन्होंने अदालत को यह भी अवगत कराया कि इस मामले के कई मुख्य आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हो पाए हैं, और यदि जतिन को जमानत मिलती है, तो वह साक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है या फरार हो सकता है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुनील चौहान की अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को ध्यान से सुना। अदालत ने इस बात को गंभीरता से लिया कि यह मामला केवल गोली चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक गहरी आपराधिक साजिश से जुड़ा हुआ है।

अभियोजन पक्ष की दलीलों को मजबूत मानते हुए, अदालत ने आरोपी जतिन की जमानत याचिका को खारिज करने का आदेश दिया। कोर्ट के इस फैसले से जांच एजेंसी को बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी में मदद मिलने की उम्मीद है।











